Cardano (ADA) के फाउंडर Charles Hoskinson का कहना है कि BIP-361 का ज़ीरो-नॉलेज रिकवरी मैकेनिज्म लगभग 1.7 मिलियन Bitcoin (BTC) को नहीं बचा सकता, जो 2013 से पहले के पते पर लॉक हैं। इसमें लगभग 1.1 मिलियन Bitcoin Satoshi Nakamoto से जुड़े हैं।
Casa के को-फाउंडर Jameson Lopp और उनकी टीम के पांच अन्य सदस्यों ने Bitcoin Improvement Proposal (BIP-361) सबमिट किया है। इसका मकसद है लेगसी ECDSA/Schnorr सिग्नेचर को बंद करना, जिससे उन एड्रेस पर रखे फंड अनयूज़ेबल हो जाएंगे।
अनुमान के मुताबिक, 34% से ज्यादा Bitcoin ऐसे एड्रेस में हैं, जो भविष्य में क्वांटम थ्रेट्स के लिए संभावित रूप से रिस्की माने जा रहे हैं। इसी वजह से बचाव के प्रयासों पर एक नई बहस शुरू हुई है। BIP-361 प्रपोजल इस वल्नरेबिलिटी को एड्रेस करने की कोशिश कर रहा है।
यह ड्राफ्ट तीन चरणों में पुरानी Bitcoin सिग्नेचर को चरणबद्ध तरीके से बंद करता है। फेज A में रिस्की एड्रेस पर नए ट्रांसफर ब्लॉक हो जाएंगे। फेज B में, नोड्स उन सभी ट्रांजैक्शन को रिजेक्ट कर देंगे, जो ECDSA और Schnorr सिग्नेचर का इस्तेमाल करते हैं।
फेज C, जो अभी रिसर्च के प्रोसेस में है, उसमें कॉइन होल्डर्स फ्रीज्ड कॉइन्स को रिकवर कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें BIP-39 सीड फ्रेज़ का ज़ीरो-नॉलेज प्रूफ सबमिट करना होगा। हालांकि, इस रिकवरी की वास्तविकता पर अभी भी सवाल हैं। हाल ही में एक वीडियो में Hoskinson ने कहा:
हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें और एक्सपर्ट्स और जर्नलिस्ट्स की इनसाइट पाएं
उन्होंने समझाया कि ये सारे कॉइन्स Bitcoin के शुरूआती आर्किटेक्चर से आते हैं, जो BIP-39 सीड फ्रेज़ या hierarchical deterministic कीज जैसी मौजूदा तकनीकों से पुराना है।
इसी वजह से ये कॉइन्स, ज़ीरो-नॉलेज बेस्ड रिकवरी सिस्टम की शर्तों से बाहर हैं, और इसी कारण BIP-361 जैसे नए प्रपोजल पुराने holdings के लिए कम कारगर साबित होते हैं।
इस लिमिटेशन को BIP-361 में भी स्वीकार किया गया है, जिसमें कहा गया है कि “BIP-32 के अस्तित्व में आने से पहले बने UTXOs के लिए HD वॉलेट ओनरशिप का कोई प्रूफ तैयार करना संभव नहीं है।”
Hoskinson सॉफ्ट-फोर्क क्लासिफिकेशन से भी असहमत हैं। उनका कहना है कि इस प्लान के लिए हार्ड फोर्क की जरूरत होगी। BIP-361 के टेक्स्ट में भी माना गया है कि कंसेंसेस रूल्स को भविष्य में लूज करने की जरूरत पड़ सकती है।
खास बात ये है कि Lopp ने भी इस प्रस्ताव के प्रति असहजता को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुद ये पसंद नहीं है, लेकिन उनका मानना है कि इसका कोई दूसरा विकल्प और भी कम स्वीकार्य है।
हमारे साथ X पर जुड़े रहें, हर ब्रेकिंग न्यूज़ सबसे पहले पाने के लिए
The post BIP-361 Satoshi के Bitcoin को क्यों नहीं बचा सकता, Charles Hoskinson ने बताया appeared first on BeInCrypto Hindi.


