Apple 1 सितंबर को John Ternus को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करेगा, जिससे Tim Cook का 10 साल से अधिक का कार्यकाल समाप्त होगा।
Cook अब एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे। वे कंपनी की रणनीतिक निगरानी रखते हुए, रोजाना की लीडरशिप Ternus को ट्रांसफर करेंगे।
इस घोषणा के बाद मार्केट में हल्का रिएक्शन देखने को मिला। न्यूज़ के बाद Apple के शेयर आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में हल्का गिर गए, जबकि मार्केट क्लोजिंग पर $273.05 पर बंद हुए थे।
यह बदलाव आमतौर पर लीडरशिप ट्रांजिशन के बाद नजर आने वाली शॉर्ट-टर्म अनिश्चितता को दिखाता है, बजाय Ternus के ऊपर किसी नेगेटिव राय के।
Ternus की प्रोफाइल इस रोल के लिए काफी अलग है। वे ट्रेनिंग से एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं और 20 साल से ज्यादा समय से Apple का हिस्सा हैं। उन्होंने 2001 में कंपनी ज्वाइन की थी और हार्डवेयर डिवीजन में काम करते हुए 2021 में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ हार्डवेयर इंजीनियरिंग बने।
इस भूमिका में वे Apple के कोर प्रोडक्ट्स जैसे iPhone, Mac और iPad की इंजीनियरिंग को देख रहे थे। Ternus का काम खास तौर पर प्रोडक्ट ड्यूरिबिलिटी, मैटेरियल्स और मैन्युफैक्चरिंग में सुधार पर फोकस रहा।
उन्होंने हार्डवेयर डिजाइन के जरिए Apple के पर्यावरण लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में भी योगदान दिया।
उनकी यह बैकग्राउंड कंटीन्युटी दिखाती है, लेकिन प्राथमिकताओं में हल्का बदलाव भी संकेताति है। Cook के लीडरशिप में Apple ने अपनी सर्विसेस बिजनेस को एक्सपैंड किया और ग्लोबल सप्लाई चेन बनाई थी।
ऐसा माना जा रहा है कि Ternus का फोकस प्रोडक्ट डेवेलपमेंट और हार्डवेयर इनोवेशन पर ज्यादा रहेगा।
हालांकि, किसी भी बड़ी रणनीतिक बदलाव के संकेत नहीं हैं। Ternus ने पिछले कई वर्षों से Apple की मौजूदा स्ट्रक्चर के तहत काम किया है। उनकी अपॉइंटमेंट यह दिखाती है कि कंपनी स्थिरता और अच्छी एक्सिक्यूशन को प्रायोरिटी दे रही है, न कि कोई बड़ा डिसरप्शन चाहती है।
साथ ही, उनकी इंजीनियरिंग में एक्सपर्टीज यह भी दिखा सकती है कि Apple अगले प्रोडक्ट साइकिल्स में डिजाइन, मैटेरियल्स और परफॉर्मेंस जैसी चीजों को और अहमियत देगा।
इससे कंपनी के फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स के फ्यूचर वर्जन्स का रुख बदल सकता है, लेकिन नई प्रोडक्ट कैटेगरी लाने की संभावना कम है।
शुरुआती स्टॉक गिरावट का कारण बड़ा परिप्रेक्ष्य भी है। अनाउंसमेंट वाले दिन मार्केट्स में वोलैटिलिटी के संकेत दिखे, जिसमें मैक्रो फैक्टर्स ने इक्विटीज पर दबाव डाला। इसलिए लीडरशिप बदलाव के असर को अकेले देखना मुश्किल है।
कुल मिलाकर, ट्रांजिशन कंट्रोल्ड और प्लान्ड लगती है। Apple एक इंटरनल लीडर से दूसरे ऐसे लीडर के पास जा रही है, जिनके पास गहरा इंस्टिट्यूशनल नॉलेज है। मार्केट रेस्पॉन्स से पता चलता है कि इन्वेस्टर्स शॉर्ट-टर्म में सतर्क हैं, लेकिन इस शिफ्ट से घबराए नहीं हैं।
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