US-इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए युद्ध ने एनर्जी मार्केट्स को हिला दिया है, जिससे कई देशों ने ईंधन बचाने के लिए कदम उठाए हैं।
इसी बीच, Energy World Mag की मार्च 2026 की स्टडी ने सात फैक्टर्स पर 75 देशों का विश्लेषण किया ताकि पता लगाया जा सके कि ग्लोबल एनर्जी disruptions के वक्त किन देशों को सबसे ज्यादा मुश्किल होगी।
इस स्टडी में हर देश को 0 से 100 के पैमाने पर स्कोर दिया गया, जहां ज्यादा स्कोर का मतलब है कि एनर्जी सप्लाई disturb होने पर रिस्क ज्यादा है। इसमें फॉसिल फ्यूल डिपेंडेंसी, एनर्जी सेल्फ-सफिशिएंसी, फ्यूल इम्पोर्ट पर निर्भरता समेत कई फैक्टर्स शामिल थे।
इस लिस्ट में Singapore टॉप पर रहा। सिटी-स्टेट को सबसे ज्यादा वल्नरेबिलिटी स्कोर 85.2 मिला। इसकी करीब 98% एनर्जी फॉसिल फ्यूल से आती है।
इसके अलावा, Singapore अपनी 100% नेचुरल गैस इम्पोर्ट करता है। इसकी एनर्जी इम्पोर्ट्स घरेलू प्रॉडक्शन से 243% ज्यादा है।
Turkmenistan दूसरे नंबर पर रहा, उसे 80.7 का स्कोर मिला। यह देश अपनी पूरी बिजली फॉसिल फ्यूल से बनाता है, वहां कोई ऑल्टरनेटिव कैपेसिटी नहीं है। औसत इनकम करीब $9,000 होने की वजह से वहां की जनता प्राइस स्पाइक्स को झेलने में भी कम सक्षम है।
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Hong Kong तीसरे नंबर पर था, स्कोर 80.2। ये शहर अपनी प्रोडक्शन से 176% ज्यादा एनर्जी इम्पोर्ट करता है और पूरी नेचुरल गैस बाहरी सोर्सेज से आती है।
Morocco (74.6) और Belarus (74.2) टॉप 5 में हैं, दोनों अपनी एनर्जी का ज्यादातर हिस्सा इम्पोर्ट करते हैं। वहीं, वहां की औसत इनकम ($4,000 और $8,000) कम है जिससे जनसंख्या के लिए प्राइस शॉक झेलना और भी मुश्किल हो जाता है।
World Energy Mag के एक एनर्जी मार्केट एनालिस्ट ने चेतावनी दी है कि 2022 की क्राइसिस के वक्त जर्मनी और इटली जैसे अमीर देशों को भी एनर्जी राशनिंग का सामना करना पड़ा। Singapore और Hong Kong जैसे छोटे इम्पोर्ट-डिपेंडेंट मार्केट्स के पास disruptions से निपटने की क्षमता और भी कम है।
फिर भी, सिंगापुर के Manpower मंत्री Tan See Leng ने बताया कि देश की करीब आधी गैस पाइप्ड नेचुरल गैस के जरिए आती है, जो Middle East के संघर्ष से प्रभावित नहीं है। सरकार ईंधन का एक स्टॉकपाइल भी बनाए हुए है।
इसके बावजूद, जब Brent क्रूड $116 प्रति बैरल से ऊपर जा रहा है और सप्लाई में रुकावटें आगे भी जारी रहने की उम्मीद है, तो चिंता बढ़ रही है। मौजूदा इमरजेंसी रिजर्व्स लंबी अवधि की बाधाओं को कितना झेल पाएंगे, यह अब भी पॉलिसीमेकर्स और मार्केट दोनों के लिए एक खुला सवाल है।
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The post ग्लोबल एनर्जी शटडाउन में किन देशों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा? इस स्टडी में जवाब appeared first on BeInCrypto Hindi.


