अमेरिका में कंज्यूमर सेंटिमेंट अप्रैल में रिकॉर्ड स्तर पर गिरकर 47.6 पर पहुंच गया है। यह रीडिंग University of Michigan के 74 साल के सर्वे इतिहास में सबसे कम है, जो 2008 के संकट या COVID महामारी के समय की निराशा से भी गहराई तक पहुंच गई है।
इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध, बढ़ती ऊर्जा लागत और लगातार बनी मंदी के कारण यह ऐतिहासिक गिरावट आई है। मार्च से यह प्रीलिमिनरी रीडिंग 10.7% नीचे गई है और हर डेमोग्राफिक ग्रुप व इंडेक्स कंपोनेंट में, इनकम, उम्र और राजनीतिक रुझान के हिसाब से गिरावट देखने को मिली है।
एक साल की मंदी (inflation) की उम्मीदें अप्रैल में बढ़कर 4.8% पर पहुंच गईं, जो मार्च की तुलना में एक पूरा प्रतिशत ज्यादा है। University of Michigan सर्वे टीम के अनुसार, यह आंकड़ा अगस्त 2025 के बाद से सबसे ज्यादा फॉरकास्ट है।
लॉन्ग-टर्म मंदी की उम्मीदें भी बढ़कर 3.5% पर पहुंच गई हैं, जो अक्टूबर 2025 के बाद सबसे ऊंची रीडिंग है। Vanguard के इकोनॉमिस्ट्स ने इसे क्लासिक स्टैगफ्लेशनरी शॉक बताया है और इसे सीधे-सीधे ईरान कॉन्फ्लिक्ट से बढ़ती ऊर्जा कीमतों से जोड़ा है।
तेल कीमतों के बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन और फूड की लागत भी हर स्तर पर बढ़ गई है। घरों का बजट अब बढ़ते किराने के बिल और पेट्रोल की कीमत के चलते दबाव में आ गया है।
ट्रेजरी यील्ड्स ने भी इन डेटा के जारी होते ही फटाफट रिएक्शन दिया। इन्वेस्टर्स ने Federal Reserve की रेट कट में धीमे बदलाव को प्राइस इन किया, जो लगातार बनी मंदी की रिस्क और बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता को दर्शाता है।
करीब 27% अमेरिकी उपभोक्ताओं ने अपनी डिस्क्रेशनरी स्पेंडिंग में कटौती की है। Ernst & Young Parthenon सर्वे, जिसे Kobeissi Letter ने शेयर किया, उसमें यह बात सामने आई है। अब घर के लोग फूड, दवाई और किराए जैसी जरूरी चीजों पर फोकस कर रहे हैं, गैर-जरूरी चीजों की खरीदारी कम कर दी गई है।
यह सेंटिमेंट हर पॉलिटिकल पार्टी, इनकम ग्रुप, एज ग्रुप और एजुकेशन लेवल में देखने को मिल रहा है। इस व्यापकता ने एनालिस्ट्स को अलर्ट कर दिया है, क्योंकि वे सेंटिमेंट को हाउस्वोल्ड स्पेंडिंग बिहेवियर का शुरुआती इंडिकेटर मानते हैं।
इतिहास गवाह है कि कमजोर सेंटिमेंट के बाद अक्सर कंज्यूमर स्पेंडिंग घटती है, जो अमेरिकी इकोनॉमी की लगभग 70% ऐक्टिविटी के लिए जिम्मेदार है। Federal Reserve पर अब दबाव है कि वह मंदी के रिस्क और धीमी ग्रोथ के बीच सही बैलेंस करे।
क्रिप्टो मार्केट्स पर भी इस माहौल का असर पड़ा है। Bitcoin युद्ध के चरम पर $66,000 से नीचे चला गया था, हालांकि सीज़फायर की उम्मीदें बढ़ने से रिस्क अपेटाइट सुधरी है और एसेट ने अपनी लॉसेस रिकवर कर लिए हैं।
President Donald Trump ने Iran के साथ एक नाजुक सीज़फायर की घोषणा की, यह घोषणा ठीक उसी समय हुई जब ज़्यादातर सर्वे के जवाब कलेक्ट किए जा चुके थे। यह समझौता टिकता है या नहीं, इससे तय होगा कि May का रीडिंग रिकवर करेगा या और नीचे गिरेगा।
आने वाले हफ्तों में यह टेस्ट होगा कि क्या एसेट मार्केट्स, जिसमें K-आकार वाला क्रिप्टो मार्केट भी शामिल है, घरों के टूटते कॉन्फिडेंस से खुद को अलग कर पाएंगे या नहीं।
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