डिजिटल एसेट मैनेजमेंट अब सिर्फ Bitcoin एक्सपोजर तक सीमित नहीं रह गया है। पहली वेव ने संस्थागत निवेशकों को रेग्युलेटेड तरीके से क्रिप्टो तक पहुंच दी थी। अगला फेज होगा, जिसमें बड़े एसेट मैनेजर्स के अंदर फुल-फ्लेज्ड डिजिटल एसेट प्लेटफार्म्स बनाए जाएंगे।
Franklin Templeton कई सालों से इसी बदलाव की तैयारी कर रहा है। इस फर्म को BeInCrypto Institutional 100 Awards 2026 में Best Digital Asset Manager के लिए नॉमिनेट किया गया है।
| स्थाापना | फर्म AUM | डिजिटल एसेट्स AUM | टोकनाइज्ड फंड्स AUM | क्रिप्टो ETFs AUM | ब्लॉकचेंस |
| 1947 | $1.7T+ | $2.1B | $1.4B | $0.7B | 9+ |
यह नॉमिनेशन Franklin Crypto के लॉन्च पर आधारित है, जो 1 अप्रैल, 2026 को अनाउंस किया गया एक डेडिकेटेड क्रिप्टोकरेंसी डिवीजन है।
Franklin Templeton ने यह यूनिट 250 Digital की प्लान्ड एक्विजिशन के जरिए स्थापित की, जो कि CoinFund से अलग हुई एक्टिव क्रिप्टोकरेंसी इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट फर्म है। इस एक्विजिशन में 250 Digital की इन्वेस्टमेंट टीम और CoinFund द्वारा पहले से मैनेज किए गए लिक्विड क्रिप्टो स्ट्रैटेजीज शामिल हैं।
Franklin Crypto से फर्म को डिजिटल एसेट्स के लिए एक डेडिकेटेड एक्टिव मैनेजमेंट आर्म मिलती है। अब यह बिजनेस पासिव ETF एक्सपोजर और टोकनाइज्ड मनी मार्केट प्रोडक्ट्स से आगे बढ़कर प्रोफेशनली मैनेज्ड लिक्विड क्रिप्टो स्ट्रैटेजीज में आ गया है।
Franklin Templeton का कहना है कि उनका डिजिटल एसेट्स बिजनेस 31 दिसंबर, 2025 तक लगभग $1.8 बिलियन के ग्लोबल एसेट्स को मैनेज करता था।
उनका लेटेस्ट Q2 2026 इन्वेस्टर अपडेट डिजिटल एसेट्स AUM को $2.1 बिलियन दिखाता है, जिसमें $1.4 बिलियन टोकनाइज्ड फंड्स और $0.7 बिलियन क्रिप्टो ETFs शामिल हैं।
Franklin Templeton पहले से ही US के पहले spot Bitcoin ETF ग्रुप का हिस्सा था। Franklin Bitcoin ETF, EZBC, 11 जनवरी, 2024 को लॉन्च हुआ और इसका मकसद फंड खर्चों से पहले Bitcoin के परफॉर्मेंस को रिफ्लेक्ट करना है। यह ETF Cboe पर ट्रेड होता है और 0.19% स्पॉन्सर फीस के साथ आता है।
लेकिन Franklin Crypto का लॉन्च कंपनी को एक नई दिशा देता है। अब कंपनी सिर्फ ETF के जरिए निवेशकों को Bitcoin एक्सपोजर देने तक सीमित नहीं है। इसमें एक्टिव लिक्विड क्रिप्टो स्ट्रैटेजीज, क्रिप्टो-नेटिव पोर्टफोलियो टैलेंट और एक डेडिकेटेड इंटरनल डिवीजन भी शामिल है।
यह इंस्टिट्यूशनल बदलाव ज्यादा मायने रखता है। Pension funds, sovereign wealth funds और बड़े allocators को सिर्फ स्पॉट exposure से ज्यादा की जरूरत होती है। उन्हें portfolio construction, risk management, liquidity management और ऐसे मैनेजर चाहिए, जो क्रिप्टो मार्केट्स का मूल्यांकन वैसे ही discipline के साथ करें, जैसा बाकी asset classes में किया जाता है।
Franklin Templeton भी 2018 से interal क्रिप्टो capability बना रहा है। कंपनी का कहना है कि उसके डिजिटल एसेट्स पर होने वाला काम tokenomics रिसर्च, डेटा साइंस और टेक्निकल एक्सपर्टीज़ का combination है। फर्म ने ऐसी टीम भी बनाई है जिसमें ब्लॉकचेन पर फोकस रखने वाले investment professionals, node operators और डिजिटल एसेट specialists शामिल हैं।
Franklin Templeton की nomination का दूसरा अहम पिलर है BENJI।
Franklin OnChain US Government Money Fund, या FOBXX, 2021 में लॉन्च हुआ था। हर शेयर को एक BENJI टोकन represent करता है, और फंड का transfer agent, Franklin Templeton के ब्लॉकचेन-इंटीग्रेटेड Benji प्लेटफॉर्म पर official share ownership रिकॉर्ड मेनटेन करता है।
FOBXX, ब्लॉकचेन-इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजी को ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग और शेयर ओनरशिप रिकॉर्ड करने के लिए उपयोग करने वाला पहला US-रीजिस्टर्ड म्यूचुअल फंड बना। Franklin Templeton के फंड पेज के अनुसार, FOBXX कम से कम 99.5% assets अमेरिकी government securities, कैश और repurchase agreements में इन्वेस्ट करता है, जो अमेरिकी government securities या कैश से collateralized होते हैं। 31 मार्च 2026 तक इस फंड के कुल नेट assets $843.74 मिलियन बताए गए हैं।
यह प्लेटफॉर्म लगातार पब्लिक chains तक विस्तार कर रहा है। Franklin Templeton की filings में Stellar, Aptos, Base, Solana, Polygon, Arbitrum, Avalanche और Ethereum जैसे नेटवर्क्स पर सपोर्ट बताया गया है। सितंबर 2025 में BNB Chain ने एनाउंस किया कि Franklin Templeton का Benji Technology प्लेटफॉर्म अब BNB Chain के साथ भी इंटीग्रेट हो चुका है।
Franklin Templeton ने BENJI को ट्रेडिंग और लेंडिंग use cases में भी आगे बढ़ाया है।
सितंबर 2025 में, DBS, Franklin Templeton और Ripple ने टोकनाइज्ड मनी मार्केट फंड्स और Ripple के RLUSD स्टेबलकॉइन का उपयोग करके ट्रेडिंग और लेंडिंग सॉल्यूशंस लॉन्च करने का प्लान अनाउंस किया।
इस व्यवस्था के तहत योग्य इन्वेस्टर्स को RLUSD के जरिए DBS Digital Exchange पर Franklin Templeton का sgBENJI टोकन लेने का मौका मिलेगा। DBS ने ये भी कहा कि वह sgBENJI टोकन को बैंक या थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म्स से क्रेडिट के लिए कोलेट्रल के रूप में यूज करने का ऑप्शन एक्सप्लोर करेगा।
इससे Franklin Templeton की स्टोरी सिर्फ एसेट गेदरिंग तक सीमित नहीं रह जाती। यह फर्म डिजिटल एसेट मैनेजमेंट के कई लेयर में काम कर रही है: पैसिव ETFs, टोकनाइज्ड फंड्स, ब्लॉकचेन रिकॉर्डकीपिंग, कोलेट्रल के यूज़ केस, स्टेबलकॉइन-लिंक्ड ट्रेडिंग और अब एक्टिव क्रिप्टो स्ट्रेटेजीज़।
इसी वजह से Franklin Templeton इस कैटेगरी में अलग नजर आती है। इसने डिजिटल एसेट्स को एक ऑपरेटिंग बिजनेस की तरह ट्रीट किया है, सिर्फ एक प्रोडक्ट लाइन तक सीमित नहीं रखा।
BeInCrypto इंस्टीट्यूशनल 100 अवार्ड्स उन फर्म्स को पहचानते हैं जो ऐसे सिस्टम बना रही हैं, जो फाइनेंस के अगले फेज़ को डिफाइन कर सकते हैं। Franklin Templeton का नॉमिनेशन इस बात को दिखाता है कि फर्म ने डिजिटल एसेट्स को एक पूरा एसेट मैनेजमेंट प्लेटफार्म बना दिया है, जिसमें ETFs, टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज़, ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्टिव क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजीज़ शामिल हैं।
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