ग्लोबल बैंकों के अंदर डिजिटल एसेट एडॉप्शन अब पायलट स्टेज से आगे बढ़ चुका है। अब असली सवाल यह है कि कौन से संस्थान ब्लॉकचेन इन्फ्रास्ट्रक्चर को उन सिस्टम्स से कनेक्ट कर सकते हैं, जो पहले से ही पैसे ट्रांसफर करने, ट्रेड सैटल करने और ग्लोबल कॉमर्स को सपोर्ट करने का काम करते हैं।
Citi उन बैंकों में शामिल है जो यह काम बड़े स्तर पर कर रहे हैं। इस फर्म को BeInCrypto Institutional 100 Awards 2026 में डिजिटल एसेट एडॉप्शन की कैटेगरी में Leader के तौर पर नॉमिनेट किया गया है।
| स्थापना | कुल एसेट्स | ग्लोबल पहुंच | कोर प्लेटफॉर्म | कोर प्रोडक्ट | रेग्युलेटरी संदर्भ |
| 1812 | $2.6T+ | करीब 160 देश | CIDAP | Citi Token Services | OCC, Fed, FCA, MAS |
यह नॉमिनेशन Citi Integrated Digital Assets Platform या CIDAP और Citi Token Services के लगातार विस्तार के केंद्र में है, जो कैश मैनेजमेंट, लिक्विडिटी, ट्रेड फाइनेंस और टोकनाइज्ड एसेट वर्कफ्लो के लिए लॉन्च किया जा रहा है।
CIDAP, Citi के पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम्स और ब्लॉकचेन नेटवर्क्स के बीच की इन-हाउस ब्रिज है। Citi इसे अपनी डिजिटल एसेट स्ट्रैटेजी का कोर पिलर मानता है, जो पेमेंट सर्विसेज, कैपिटल मार्केट्स, सिक्योरिटीज, कस्टडी, ट्रेड और FX जैसे यूज़ केसेज़ को सपोर्ट करता है।
यह इसलिए ज़रूरी है क्योंकि ज्यादातर इंस्टीट्यूशनल क्लाइंट्स अलग क्रिप्टो ऑपरेटिंग मॉडल नहीं चाहते हैं। वे चाहते हैं कि ब्लॉकचेन-बेस्ड सैटलमेंट, टोकनाइज्ड डिपॉज़िट्स और डिजिटल एसेट सर्विसेस उन्हीं सिस्टम्स से कनेक्ट हों जिन्हें वे पहले से इस्तेमाल करते हैं।
Citi Token Services इसके डिजिटल एसेट एडॉप्शन का सबसे साफ़ उदाहरण है जो प्रोडक्शन इन्फ्रास्ट्रक्चर में शामिल हो चुका है।
यह प्रोडक्ट ब्लॉकचेन और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स का इस्तेमाल कर Citi के ग्लोबल नेटवर्क के अंदर टोकनाइज्ड डिपॉज़िट्स को सपोर्ट करता है। Citi ने सबसे पहले 2023 में इस सर्विस की क्रिएशन और पायलटिंग की घोषणा की थी, जिसमें बताया था कि यह इंस्टीट्यूशनल क्लाइंट्स के लिए कोर कैश मैनेजमेंट और ट्रेड फाइनेंस कैपेबिलिटीज को अपग्रेड करेगा।
Citi Token Services for Cash, क्लाइंट्स को 24×7 बेसिस पर पार्टिसिपेटिंग Citi ब्रांचों के बीच लिक्विडिटी ट्रांसफर करने में सक्षम बनाता है। Citi Token Services for Trade, टोकनाइज्ड डिपॉज़िट्स की प्रोग्रामेबल ट्रांसफर को सपोर्ट करता है, जिसमें सर्विस प्रोवाइडर्स को इंस्टैंट पेमेंट्स स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स से किए जाते हैं।
यह कैश प्रोडक्ट खास है, क्योंकि यह ग्लोबल बैंकिंग की एक पुरानी प्रॉब्लम को सॉल्व करता है: लिक्विडिटी अभी भी कट-ऑफ टाइम्स, सैटलमेंट विंडोज और मार्केट ऑवर्स में फंसी रह जाती है।
Citi की 24/7 USD Clearing सेवा का Citi Token Services के साथ इंटीग्रेशन, Citi और गैर-Citi खातों के बीच चुने हुए मार्केट्स में लगभग तुरंत लिक्विडिटी मूवमेंट को सपोर्ट करता है।
Citi की एडॉप्शन स्टोरी अब ट्रेड फाइनेंस तक भी पहुंच गई है।
अपने शुरुआती Citi Token Services पायलट में, Citi ने Maersk और एक canal authority के साथ मिलकर ऐसी डिजिटल सॉल्यूशन तैयार की जो बैंक गारंटी और लेटर ऑफ क्रेडिट जैसी है। इस पायलट में टोकनाइज्ड डिपॉजिट और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स का उपयोग किया गया जिससे सर्विस प्रोवाइडर्स को तुरंत पेमेंट मिल सके। Citi के मुताबिक, इस प्रोसेस से ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग का समय दिन से घट कर मिनटों में हो जाता है।
2026 में, Citi ने इस काम को आगे बढ़ाते हुए टोकनाइज्ड Bills of Exchange का परीक्षण किया।
PwC और Solana के साथ मिलकर, Citi ने एक इंटरनल प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट पूरा किया जिसमें बिल ऑफ एक्सचेंज को ब्लॉकचेन पर टोकन के रूप में रिप्रेजेंट किया गया। इस टेस्ट में इश्यू, फाइनेंसिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और सेटलमेंट को सिमुलेटेड एन्वायरमेंट में कवर किया गया। Citi ने कहा कि इस प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट में सीन्थेटिक डेटा और काल्पनिक क्लाइंट्स का यूज किया गया, लेकिन इसने बताया कि कैसे पूरा ट्रेड फाइनेंस लाइफसाइकल ब्लॉकचेन पर दोहराया जा सकता है।
यह एक व्यावहारिक डेवलपमेंट है। Bills of Exchange अभी भी पेपर- बेस्ड और मैन्युअल प्रोसेस से जुड़े हैं। इनका टोकनाइजेशन ओनरशिप, फाइनेंसिंग और रीपेमेन्ट को ट्रैक और सेटल करना आसान बना सकता है। Citi की अपनी रिपोर्ट बताती है कि टोकनाइजेशन फ्रिक्शन घटाता है, रियल-टाइम विजिबिलिटी बढ़ाता है और सप्लाई चेन में बेहतर रिस्क मैनेजमेंट को सपोर्ट करता है।
Citi ने प्राइवेट मार्केट्स में भी टोकनाइजेशन को टेस्ट किया है।
2024 में, Citi ने Wellington Management और WisdomTree के साथ मिलकर टोकनाइज्ड प्राइवेट फंड्स के लिए एक प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट पर काम किया। यह टेस्ट Avalanche Spruce इंस्टिट्यूशनल टेस्ट सबनेट पर हुआ, जिसमें देखा गया कि स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स कैसे नए फंक्शन्स और ऑपरेशनल एफिशिएंसी ला सकते हैं, जो पारंपरिक प्राइवेट मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर में मुश्किल है।
टेस्ट के जरिए Wellington द्वारा जारी एक प्राइवेट इक्विटी फंड को टोकनाइज किया गया और डिस्ट्रीब्यूशन रूल्स को स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में कोड किया गया।
Citi ने स्मार्ट-कॉन्ट्रैक्ट आधारित ट्रांसफर, सिमुलेटेड आइडेंटिटी क्रेडेंशियल्स और एक प्राइवेट फंड टोकन को DTCC Digital Assets के साथ ऑटोमेटेड लेंडिंग कॉन्ट्रैक्ट में कोलेटरल के रूप में उपयोग करने का भी परीक्षण किया।
Citi की नॉमिनेशन किसी एक ब्लॉकचेन एक्सपेरिमेंट पर नहीं है। यह बैंक की कोशिश को दिखाता है कि कैसे डिजिटल एसेट्स को कोर इंस्टिट्यूशनल बैंकिंग से जोड़ा जाए।
कंपनी के पास 200 से ज्यादा सालों का ऑपरेटिंग इतिहास है और यह लगभग 160 देशों और जूरिडिक्शंस में बिजनेस करती है। 2025 की एनुअल फाइलिंग के अनुसार, साल के आखिर में कंपनी के कुल एसेट्स $2.657 ट्रिलियन हैं।
यही स्केल Citi के डिजिटल एसेट्स के काम को खास बनाता है। टोकनाइज्ड डिपॉजिट्स, प्रोग्रामेबल पेमेंट्स, टोकनाइज्ड ट्रेड फाइनेंस, प्राइवेट मार्केट टोकनाइजेशन और फ्यूचर डिजिटल एसेट कस्टडी – ये सब अलग-थलग प्रोडक्ट्स नहीं हैं बल्कि एक बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर स्ट्रैटेजी का हिस्सा हैं।
खबरों के मुताबिक Citi डिजिटल एसेट कस्टडी और पोस्ट-ट्रेड इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश कर रही है ताकि क्लाइंट्स अपने एसेट्स को पारंपरिक मार्केट्स जैसी ही सेफ्टी के साथ ट्रांसफर और मोबलाइज कर सकें। बैंक के मुताबिक, क्लाइंट्स अब उम्मीद कर रहे हैं कि डिपॉजिट्स, पेमेंट्स, इन्वेस्टमेंट एसेट्स और कोलेटरल ट्रेडिशनल और टोकनाइज्ड दोनों फॉर्म्स में कम फ्रिक्शन के साथ मूव हो सकें।
BeInCrypto Institutional 100 Awards उन कंपनियों को पहचानता है जो फाइनेंस के अगले फेज को डिफाइन करने वाले सिस्टम बना रही हैं। Citi की नॉमिनेशन ये दर्शाता है कि कंपनी ने डिजिटल एसेट्स को लैब एक्सपेरिमेंट्स से उठा कर ग्लोबल बैंकिंग के ऑपरेटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में लाने में अहम रोल निभाया है।
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